कोडवानी परिवार ने मानवता की मिसाल पेश की*।

# शंकर | 24 Aug, 2024 *सलामत राय कोडवानी का संकल्प परिवार ने सगर्व पूरा किया*। *मरणोपरांत देहदान का मेडिकल स्टूडेंट को मिलेगा लाभ* । *कोडवानी परिवार ने मानवता की मिसाल पेश की*। सरकंडा निवासी सलामत राय कोडवानी जी का स्वर्गवास गुरुवार सुबह हो गया , परिजनों ने हैंड्सग्रुप से संपर्क कर उनकी देहदान की इच्छा का सम्मान कर उनके पुत्र हरीश कोडवानी ने बताया सामाजिक रस्म अदायगी पश्चात शरीर का देहदान किया गया. समाज मे जागरूकता का संदेश देने वयोवृद्ध श्री सलामत राय कोडवानी ने अपना देह चिकित्सा शिक्षा के लिए कई साल पहले और देहदान का संकल्प लिया था. परिजनों ने शव सिम्स मेडिकल कालेज को सौप दिया. एक परिवार ने अपने दिवंगत सदस्य का शव सगर्व सिम्स मेडिकल कालेज को सौप दिया. सरकंडा निवासी सलामत राय कोडवानी का देह किसी काम आये इसका जीते जी निश्चय कर संकल्प पत्र भरा था। शुक्रवार को सिम्स पहुंच कर परिजनों ने देहदान की औपचारिकता सिम्स की डॉ शिक्षा जांगड़े के समक्ष पूरा कर दिया. इस मौके पर उनके बेटे हरीश,मुकेश ,हीरालाल कोडवानी , शंकर मनचंदा , मनोहर थवरानी , पार्षद राजेश दूसेजा,अभिषेक विधानी मौजूद थे. हैंड्सग्रुप के सहयोग से परिजनों ने उनका सफ़लतापूर्वक देह दान कराया. सलामत राय की अंतिम इच्छा पूरी कर परिजनों को गहरा संतोष मिला. इस अनुकरणीय दान मे सहयोगी बने हैंडस ग्रुप के संरक्षक अभिषेक विधानी ने कहा हम मरकर भी समाज को दे जाए इससे अच्छा उदाहरण नहीं हो सकता, इससे लोग जागरूक होंगे. एक संकल्प का मान रखकर सरकंडा के कोडवानी परिवार ने आदर्श प्रस्तुत किया है. समाज मे मिसाल पेश करने वाले विरले लोग होते हैं इनमे सलामत राय कोडवानी जैसे शख्स दुनिया से जाने के बाद भी लोगो के दिल में ज़िन्दा रहते है। *देह दान क्यों उपयोगी है ।* *जो बच्चे मेडिकल का कोर्स करते है , उनको देहदान से काफ़ी मदद मिलती है नयी खोज करने या सीखने में ।* *जागरूकता की कमी से कई जगह देह उपलब्ध नहीं होते।*
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