पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) श्री रामकृष्ण साहू (IPS) ने रात्रि में पुलिस चौकी मारो एवं संबलपुर का औचक निरीक्षण कर लिया जायजा।

# शंकर | 15 Feb, 2026

 

 *• बंदी गृह, महिला डेस्क, विवेचक कक्ष, मालखाना सहित संपूर्ण चौकी परिसर की स्थिति का लिया गया जायजा।* 

 *• अवैध शराब, जुआ, सट्टा, गांजा, नशीली दवा एवं अन्य अवैध कार्यो में लिप्त लोगो के खिलाफ सख्त कार्यवाही के दिए निर्देश।* 

 *• समयबद्ध मामलों का शीघ्र निपटारा कर 60 से 90 दिनों के भीतर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत करने के संबंध में दिए आवश्यक निर्देश।* 

   *• बीट प्रभारियों को क्षेत्र में निरंतर भ्रमण कर, स्थानीय नागरिकों से संवाद स्थापित करने दिए गए निर्देश।* 

 *• कम्यूनिटी पुलिसिंग एवं अपराध नियंत्रण, मजबूत सूचना तंत्र विकसित कर बेहतर पुलिसिंग करने एवं विजिबल पुलिसिंग व चेकिंग अभियान कार्यवाही करने दिए निर्देश।* 

 
       *बेमेतरा, 15 फरवरी 2026:-* पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) श्री रामकृष्ण साहू (भा.पु.से.) ने 14 फरवरी 2026 को रात्रि में पुलिस चौकी मारो एवं संबलपुर का औचक निरीक्षण कर जायजा लिया। उन्होंने उपस्थित अधिकारी/ कर्मचारियों का मनोबल बढाये जाने के साथ कानून व सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ बनाये रखते हुए बेहतर पुलिसिंग के बारे में निर्देश दिया गया। उन्होंने जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनने और समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 

        *निरीक्षण के दौरान बंदी* गृह, महिला डेस्क, विवेचक कक्ष, मालखाना सहित संपूर्ण चौकी परिसर की स्थिति का जायजा लिया गया। उन्होंने ने अवैध शराब, जुआ, सट्टा, गांजा, नशीली दवाओं और अन्य अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने थाना और चौकी में लंबित अपराधों, मर्ग, गुम इंसान और लंबित शिकायतों के शीघ्र निपटारे की आवश्यकता पर बल दिया।

        *उन्होनें विजिबल पुलिसिंग* को बढ़ावा देने, रात में गश्त, पेट्रोलिंग, कॉम्बिंग ऑपरेशन, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, तथा गोवंश तस्करी पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। एसएसपी महोदय ने सायबर प्रहरी अभियान और त्रिनयन एप के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने "सशक्त एप" के माध्यम से वाहनों की चेकिंग कार्यवाही को प्रभावी बनाने पर जोर दिया। इसके साथ ही, स्मार्ट और हाईटेक पुलिसिंग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई।

             *कम्यूनिटी पुलिसिंग* और अपराध नियंत्रण पर ध्यान देने के साथ-साथ मजबूत सूचना तंत्र विकसित करने के दिशा-निर्देश भी दिए गए। विजिबल पुलिसिंग और चेकिंग अभियान को सक्रिय करने की बात कही। महिलाओं और बच्चों से संबंधित अपराधों के निराकरण के लिए "ऑपरेशन मुस्कान" चलाने का भी निर्देश दिया गया। संपत्ति संबंधी अपराधों के आदतन आरोपियों पर पैनी नजर रखने और सख्त कार्रवाई करने की बात कही गई।

       *डीआईजी महोदय ने कहा* कि नए कानूनों से न्याय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से सुदृढ़ होगी। साथ ही समयबद्ध मामलों का शीघ्र निपटारा कर 60 से 90 दिनों के भीतर अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। साथ ही, उन्होंने तलाशी और जब्ती के दौरान फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी को अनिवार्य बताते हुए, मामलों की निष्पक्षता सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होनें नए लागू तीन आपराधिक कानूनों – नवीन भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, और भारतीय साक्ष्य अधिनियम – के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया।

       *उन्होनें थाना/चौकी एवं* बीट प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में निरंतर भ्रमण करें, स्थानीय नागरिकों से संवाद स्थापित करें एवं निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दें: क्षेत्र में जुआ, अवैध शराब, मादक पदार्थों, नशीली दवाओं की गतिविधियों की जानकारी एकत्र करें। गुंडा, निगरानी, सूचीबद्ध अपराधियों पर सतत निगरानी रखें। क्षेत्र के भौगोलिक विवरण, प्रमुख जनप्रतिनिधि, कर्मचारी एवं वरिष्ठ व्यक्तियों की जानकारी संकलित करें। विवादग्रस्त क्षेत्र, अपराधिक ठिकानों, मेले-त्योहारों, डेरा डालने एवं घुमक्कड़ लोगों की गतिविधियों एवं क्षेत्र में चल रहे पुराने विवादों एवं विवाद का कारण की जानकारी नियमित रूप से बीट पुस्तिका में अद्यतन करने।

           *उन्होनें स्पष्ट किया गया कि* इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य थाना/चौकी स्तर पर जनसंपर्क को सशक्त बनाना एवं अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। बीट प्रणाली से पुलिस का क्षेत्र पर नियंत्रण और सूचना तंत्र अधिक मजबूत होगा।

         *उन्होंने ने प्रभारी को* सोशल मीडिया पर सतत निगाह रखने और इसके अलावा, चोरी और अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए रात्रि गश्त, पेट्रोलिंग और काम्बिंग गश्त करने के निर्देश दिए गए। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु आम नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

      *औचक निरीक्षण के दौरान* पुलिस चौकी प्रभारी मारो उप निरीक्षक द्वारिका प्रसाद देशलहरे, महिला प्रधान आरक्षक अनुपमा दुबे, चौकी संबलपुर से प्रधान आरक्षक गजेन्द्र पाल बार्गो सहित पुलिस चौकी संबलपुर एवं मारो के अन्य अधि./कर्म. उपस्थित रहें।

Banner